
हजारीबाग जिले के ग्राम पौता में खुशी प्रवीण पिता वासिद अंसारी सानिया परवीन आदिल हुसैन सहित तीन लोगों की हत्या पौता के जंगल स्थित नदी के किनारे 27 अप्रैल को किया गया है। हजारीबाग के लिए चिंतनीय एवं अति निन्दनीय हृदयधारक घटना है।
खुशी के पिता वाशिद अंसारी एक मजदूर हैं उन्होंने मोफसिल थाना में केस संख्या 70/26 दर्ज कराए हैं! झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान में लेकर 29 अप्रैल को अल्पसंख्यक आयोग को हजारीबाग भेजे थी। इसका निष्पक्ष उद्भेदन के लिए सरकार द्वारा कमेटी गठित की गई है जल्द से जल्द चौंकाने वाली निष्पक्ष उद्भेदन होगा।
आवेदन के आधार पर जिले के एसपी एवं पुलिस प्रशासन प्रयासरत है देर होगा पर दुरुस्त होगा। एक साथ तीन शव बरामद होने से हजारीबाग कि लोगों के दिल में भय डर का माहौल बना हुआ है पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा पोस्टमार्टम रिपोर्ट निष्पक्ष होगा। पत्रकारों के साथ निंदनीय घटना घटी है इसका मैं भर्त्सना करता हूँ।
इस घटना का पत्रकारों द्वारा एफआईआर के आधार पर जांच गठित कर जिला प्रशासन घटना का उद्भेदन करें। क्योंकि हमने वीडियो फुटेज में देखा हू घटना के दरम्यान उच्च पदाधिकारी भी उपस्थित थे। तीन मृतकों के साथ पत्रकार बंधुओं को न्याय मिले साथ ही साथ सरकार से मैं गुजारिश करता हु कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकार एवं धरती के दूसरे भगवान चिकित्सकों का सुरक्षा नियमावली बनाकर सुरक्षा प्रधान किया जाए।
भगवान बुद्ध से मैं कामना करता हूं कि मृतकों के परिवार को सहन शक्ति दे एवं मृतकों के आत्मा को शान्ति प्रदान करें। संवेदना व्यक्त करने वालों में मुख्य रूप से मोरांगी के समाजसेवी सम्भू मेहता कांग्रेस नेता मनोज महतो अमित कुशवाह रामधनी साव चंद्रदेव मेहता शक्ति कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।








