
केरल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग आज देश की राजनीति में एक मजबूत, भरोसेमंद और निर्णायक शक्ति बनकर उभर रही है। यह जीत सिर्फ सीटों की जीत नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और सेक्युलर मूल्यों की जीत है।
केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ मिलकर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने 22 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। जनता ने मुस्लिम लीग की जनसेवा, सामाजिक न्याय और भाईचारे की राजनीति पर अपना भरोसा जताया है। हमें विश्वास है कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव P. K. Kunhalikutty उपमुख्यमंत्री के रूप में राज्य के विकास और सामाजिक सौहार्द को नई दिशा देंगे।
तमिलनाडु में भी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने 2 सीटों पर जीत हासिल कर Vijay Thalapathy के नेतृत्व वाली सरकार के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री विजय थलापथी द्वारा सार्वजनिक रूप से IUML का आभार व्यक्त करना इस बात का प्रमाण है कि मुस्लिम लीग आज सिद्धांत और भरोसे की राजनीति का मजबूत प्रतीक बन चुकी है।
यह सफलता पूरे देश में सेक्युलर और लोकतांत्रिक ताकतों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग हमेशा नफरत और विभाजन की राजनीति के खिलाफ मोहब्बत, इंसाफ और साझी विरासत की आवाज़ बनकर खड़ी रही है और आगे भी रहेगी।
मैं केरल और तमिलनाडु के सभी विजयी उम्मीदवारों, पार्टी नेतृत्व और समर्पित कार्यकर्ताओं को दिल की गहराइयों से मुबारकबाद देता हूं और उम्मीद करता हूं कि यह जीत देशभर में लोकतांत्रिक और सेक्युलर राजनीति को और मजबूती देगी।
शान-उल-हक
प्रदेश महासचिव
Indian Union Muslim League, झारखंड








