हजारीबाग; 500 करोड़ मूल्य की सरकारी भूमि को भूमाफियाओं ने कर दी हेरा फेरी, सदर अंचल अधिकारी मौन।

हजारीबाग: जिला स्तरीय आपकी सरकार आपके द्वारा शिविर में सदर अंचल अंतर्गत 500 करोड़ कीमत की भूमि पर भू माफियाओं का अवैध कब्जा को लेकर पत्रकार कुमार कृष्णानंद ने प्रवर्तन निदेशालय, झारखंड भू राजस्व पार्षद झारखंड, भू राजस्व सचिव झारखंड, डीजीपी झारखंड,उपायुक्त हजारीबाग के नाम आवेदन दिया। सदर अंचल कार्यालय हजारीबाग अंदर हल्का 12 मौजा मोरंगी में तालाब प्लॉट नंबर 703, 704 भीड़ प्लॉट नंबर 705 कुल रकबा 4 एकड़ गैर मजरूआ खास खाता 61 का सरकारी भूमि जनहित में प्रयोग हेतु जल स्रोत पोखर को भर दिया गया। और उसे रैयती बनाकर बेच दिया गया।

वही मौजा हरहद थाना नंबर 7 अंदर गैर मजरूआ खास खाता नंबर 172 प्लॉट नंबर 2367, 2366, 2369, 2365 वगैरा लगभग 100 एकड़ भूमि जंगल एवं झाड़ी को भूमाफियाओं ने लगभग 30 करोड़ में निजी कंपनी को बेच दिया।

इसे लेकर उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने वाद संख्या 1/ 2019 के तहत कार्रवाई करते हुए सभी बिक्री केवाला को निरस्त कर दिया।

पूर्व सदर अंचल अधिकारी राजेश कुमार ने सरकारी भूमि का 35 एकड़ पर भूमाफियाओं के द्वारा अतिक्रमण को रोका था परंतु पुनः वर्तमान मे अतिक्रमण हो गया और गेट लगाकर भूमि बिक्री कियाजा रहा है। 

मौजा शरले थाना नंबर 159 अंदर केसर हिंद गैर मजरूआ खास खाता का भूमि पर अतिक्रमण कर चार दिवारी भवन इमारत प्लॉट नंबर 81, 82,72 अन्य भूमि का प्रकार वाला भूमि पर बन गया।

मौजा हुरहुरू थाना नंबर 147 पर अंचल अधिकारी  मौन। मौजा मोरंगी अंदर वन भूमि प्लॉट नंबर 1 पर भूमि माफियाओं का कब्जा। चानो 2 अंदर गैर मजरूआ जमीन भूमि खाता नंबर 76 को रैती बनाकर प्लॉट नंबर 619 में एक एकड़ जमीन बेच दिया गया इस पर अधिकारी पूरी तरह से मौन।

सदर अंचल द्वारा मौज मोरंगी एलपीसी नंबर 1181 दिनांक 9 जुलाई को जारी किया गया जो जिज्ञासा कौशिक के नाम से बनाया गया और अंचल के कर्मचारी मयंक कुमार राजस्व उप निरीक्षक हल्का 12 के द्वारा रजिस्टर से रिसीव कर गायब कर दिया गया। इस तरह कई घटनाओं को अंजाम दिया गया। आमजन जमीनी विवाद मामला को लेकर काफी त्रस्त है।

संवाददाता- कुमार कृष्णानंद की रिपोर्ट।

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