हजारीबाग; बी.एस.एफ. कैंप मेरु में चल रहा है बहाली, यहां नही है कोई सुविधा, बहाली में आए लोगों को करना पड़ रहा है दिक्कतों का सामना।
हजारीबाग जिले के सदर प्रखंड के मेरु में सीमा सुरक्षा बल का ट्रेनिंग सेंटर है जहां कई राज्यों के लोग बहाली के लिए आते है बहाल होने के बाद ट्रेनिंग पूरी कर देश की सरहदों की रक्षा करने चले जाते हैं और देश की सेवा में लगे रहते हैं। अभी यहां हेड कांस्टेबल मिनिस्ट्री का पिछले 15 दिनों से बहाली चल रहा है और अभी लगभग 20 दिनों तक और चलेगा इस बहाली में भी दूसरे राज्यों से लोग रोज यहां आ रहे हैं जिन्हें यहां रुकना पड़ रहा है जिसके लिए BSF के तरफ से ना ठहरने का नाही इस ठंड में अलाव की कोई व्यवस्था की गई है।
अगर बात करें मेरु बीएसएफ गेट की तो बहाली में आए लोगों को रात में ठंड में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है बीएसएफ गेट के बगल में बने शौचालय जो पिछले 2 साल से बनकर तैयार है अभी भी बंद है अभी तक चालू नहीं हो पाया है इसके लिए सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी से पिछले साल सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में पूछा गया था बताया गया इसके बारे में अभी हमें जानकारी नहीं है लेकिन देखती हूं साथ में डीडीसी महोदय भी मुखिया के साथ जाकर मुआयना किया लेकिन प्रखंड विकास पदाधिकारी गुंजन सिन्हा का ध्यान इस और दोबारा नहीं गया पूर्व मुखिया सोनी मेहता के द्वारा भी बताया गया था कि जल्द चालू किया जाएगा पानी का व्यवस्था अभी नहीं हो पाया है।
तैयार शौचालय सिर्फ सेल्फी प्वाइंट बनकर रह गया, आज भी शौचालय बंद पड़ा है।
साथ ही कचरा फेंकने के लिए जगह-जगह पर डस्टबिन लगाया गया जिसकी सफाई नहीं होने से और भी गंदगी इकट्ठा हो गया है इस बारे में मुखिया से पूछने पर बताया गया यह योजना बिल्कुल बेकार है रूरल एरिया में इसकी जरूरत नहीं थी इसको डिस्पोजल करने के लिए हमारे पास कोई व्यवस्था नहीं है ना ही उसमें पहिया लगा है जिसके चलते कूड़े का अंबार लगता जा रहा है।
मेरु मंदिर, सरकारी स्कूल, दुर्गा मंडप के आसपास सोच और गंदगी फैलाया जा रहा है इसके साथ रात में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है किसी तरह सौ,पचास रुपए ले कर लोग अपने घरों में रात गुजारने के लिए दे रहे हैं शौचालय की व्यवस्था नहीं रहने से मेरु गेट के आसपास गंदगी का अंबार है पंचायत प्रतिनिधियों के तरफ से अब तक इस पर ध्यान नहीं दिया गया ह।
इस बारे में मेरु पंचायत की मुखिया सीमा सिंह ने बताया शौचालय कैसे बना हमें नहीं पता है लेकिन हम लोग उसे चालू करने के लिए प्रयास कर रहे हैं और उम्मीद है कि हफ्ता 10 दिनों में उसे चालू कर दिया जाएगा।
इस मामले को बीएसएफ के पूर्व आईजी डीके शर्मा को प्रेस वार्ता के दौरान भी इसकी जानकारी दी गई थी उन्होंने भी यही कहा था इसकी जानकारी हमें नहीं है अभी मेरे संज्ञान में बात आई है मैं देखता हूं उसके बाद उनकी ट्रांसफर हो गई।
अब सवाल यह है की बी.एस.एफ. में बहाली में आए लोगों के सुविधा मुहैया कराना यह किसकी जिम्मेवारी है जिला प्रशासन की या बीएसएफ की जिसका खमियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। इस पर हजारीबाग जिला प्रशासन संज्ञान लें और बहाली में आए हुए लोगों के लिए सुविधा मुहैया कराएं।














