केंद्रीय बजट गरीब मजदूर छात्र बेरोजगार महिलाएं किसानों व्यापारी करदाताओं के लिए निराशाजनक  है- डॉ आरसी मेहता

केंद्रीय बजट गरीब मजदूर छात्र बेरोजगार किसानों छोटे व्यापारियों महिलाओं को सर्वहारा बनाने वाला एवं करदाताओं को निराशाजनक बजट है यह प्रक्रिया हजारीबाग विधानसभा के कांग्रेस पूर्व उप विजेता डॉ आरसी मेहता ने बजट के आने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा की सरकार बीड़ी सस्ता कर क्या गरीबों को रोगी बनाना चाह रहे हैं उन्होंने कहा कि यह आम आदमी के लिए नुकसानदेह बजट है पहले से केंद्र सरकार ने आउटसोर्सिंग ठेका मजदूरी का व्यवस्था किया जिसमें सरकारी मजदूर का यदि मजदूरी एक लाख है वैसा ही योग्यता वाले आउटसोर्सिंग सेवकों को 10 हजार रुपये सैलरी दी जा रही है जो मोदी जी के अन्याय का प्रतीक है केन्द्र सरकार सरकारी संस्थानों को निजी संस्थाओं को पार्टनरशिप कर बेचने का काम कर रही है।

जैसे बैंक एयरपोर्ट और एलआईसी इत्यादि अनेकों सरकारी संस्थान निजी हाथों में चली गई है आज छोटे व्यापारियों एवं करदाताओं को कोई कर में छूट नहीं दी गई जो मध्यम वर्ग के लिए सरासर अन्याय है। आज छोटे व्यापारियों की स्थिति दयनीय हो चुकी है क्योंकि बड़े बड़े मॉल खुलने से छोटे दुकानदार को नुकसान हो रहा है। ऑनलाइन सिस्टम से खरीदारी के कारण छोटे हैं।

व्यापारियों में असंतोष है किसानों की स्थिति मजदूरों से बदतर होते जा रही है जब टमाटर किसान से 5 रुपये निकलता है वहीं बाज़ार में ₹50 बिकता है।

सरकार सभी तरह के सब्जी फल का समर्थन मूल्य निर्धारित करें  जैसे आलू का समर्थन मूल्य 50 रुपय गेहूँ का 60 रूपये टमाटर 45 रूप प्याज का पचास रुपये न्यूनतम मूल्य सरकार निर्धारित करें।जिससे किसानों का कल्याण होगा। गलत नीतियों के कारण यह बजट बनी है बाज़ार में गिरावट आ गई है शेयर बाज़ार का सेंसेक्स तीन हजार से नीचे धड़ाम गिरा। यह बजट देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

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