
दारु प्रखंड मुख्यालय गेट के सामने मनरेगा के नाम बदले जाने के विरोध में “मनरेगा बचाओ अभियान” के तहत एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष सत्यनारायण प्रसाद ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
धरना के दौरान वक्ताओं ने मनरेगा के नाम परिवर्तन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीबों के रोजगार का प्रमुख साधन रही है और इसकी पहचान पूरे देश में स्थापित है। नाम बदलने से आम लोगों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होगी और योजना के मूल उद्देश्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
पूर्व बीस सूत्री अध्यक्ष शशि मोहन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीणों के लिए जीवनयापन का सहारा है। इसे किसी भी रूप में कमजोर करने या इसकी पहचान बदलने का प्रयास जनहित के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने “मनरेगा बचाओ” के नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
अंत में प्रदर्शनकारियों ने अंचलधिकारी रामबालक कुमार को अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौक़े पर पूर्व बीस सूत्री अध्यक्ष सह प्रदेश सचिव शशि मोहन सिंह, जिला युवा उपाध्यक्ष रिंकू कुमार, दिनेश पासवान,सुनील राम, मो0 ऐनुल, मोo सहादत, सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।








