पंचायतों में लगे कूड़ेदानों की नहीं हो पा रही सफाई बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा।
सदर प्रखंड के मेरु पंचायत में 15वें वित्त मद से लगाया गया कूड़ेदान लेकिन कूड़ेदान से कचरा फेंकने का नहीं है कोई साधन मेरु बी.एस.एफ. गेट का सुंदरीकरण कर सेल्फी प्वाइंट बनाने का कार्य बी.एस.एफ. के भूतपूर्व आईजी श्री डी.के. शर्मा के द्वारा किया गया। लेकिन ठीक उसी के बगल में वर्षों पहले बना शौचालय हाथी का दांत साबित हो रहा है कारण के मुखिया के द्वारा शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं की गई जिस वजह से चौक पर महिलाओं और पुरुषों को शौचालय के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
साथ ही शौचालय के बगल में मुखिया के द्वारा 15वें वित्त मद से लगाए गए कूड़ेदान में कचड़ों का अंबार लगा हुआ है जिसकी सफाई या कूड़े को फेंकने का कोई साधन मुखिया के पास नहीं है इस बात को लेकर मेरु चौक के वासियों में काफी रोष उत्पन्न होने लगा है लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की सुविधा के लिए पर्याप्त साधन कूड़ा फेंकने के लिए नहीं है तो फिर इस तरह के कूड़ेदान लगाकर पंचायत का पैसा क्यों बर्बाद किया गया।
लोगों ने इस बारे में मुखिया से बात की तो मुखिया के पति के द्वारा फंड नहीं रहने की बात कही गई मेरु पंचायत के सरपंच पति राजकुमार गुप्ता ने बताया इस तरह के योजना को लाकर सिर्फ पैसे का बंदरबांट करने की मंशा थी इस बारे में मैं डी.डी.सी. और बी.डी.ओ. से बात करेंगे वही शौचालय जो करीब दो वर्षों से बनकर तैयार है लेकिन पानी के अभाव में शौचालय में काफी गंदगी हो चुकी है पुरुषों का शौचालय में ताला लटका हुआ है जिससे मेरु चौक पर के दुकानदारों को शौचालय के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है।
दूसरे राज्यों से बी.एस.एफ. में नौकरी करने वाले लोगों को चौक पर शौचालय चालू नहीं रहने के कारण उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब देखना होगा कि क्या मेरु मुखिया के द्वारा बी.एस.एफ. गेट पर बने शौचालय को कब तक चालू किया जाता है और पंचायत में लगे कूड़े दानों की सफाई कब तक हो पाती है।








