कंपकंपाती ठंड में बगैर छत के जर्जर मकान में रहने को विवश हैं संजीदा का परिवार।
कंपकंपती ठंड में बगैर छत के जर्जर मकान में रह रही संजीदा खातून व उसके परिवार को एक अदद आवास की जरूरत है। बता दें कि मंडई कला वार्ड-2 की विधवा महिला के पति की मौत छह साल पहले हो चुकी है। मगर बदकिस्मती से आज तक वह सरकारी लाभ से महरूम है।
परिवार में एक पुत्र व पुत्रवधु के अलावे दो छोटे छोटे बच्चे हैं। पुत्र भी मानसिक रूप से बीमार है, जिसका इलाज आर्थिक तंगी के कारण नहीं हो पाया है। संजीदा खातून दूसरे के घरों में झाड़ू पोंछा कर अपने व अपने स्वजनों का पेट भरने का काम करती है। संजीदा खातून का कहना है कि सरकारी लाभ की प्राप्ति के लिए हर जगह मदद की गुहार लगाई। मगर कहीं से मदद नहीं मिली। बताया कि अंत में सेवा संस्था के समन्वयक तनवीर अहमद ने मेरे सहयोग के लिए अधिकारियों से मिलकर मदद करने की बात कही है।








