हज़ारीबाग; नगर आयुक्त के मनमानी रवैये के खिलाफ महापौर सहित वार्ड पार्षदों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन।

जनप्रतिनियों ने मांग किया कि या तो नगर आयुक्त का ट्रांसफर हो या फिर हमारी सामूहिक इस्तिफा स्वीकार हो।
हजारीबाग–हजारीबाग के महापौर रौशनी तिर्की सहित शहर के तमाम वार्ड पार्षदों ने शनिवार को सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर नगर आयुक्त के मनमाने रवैये के  खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा और मांग किया  कि या तो निगम के नगर आयुक्त गरिमा सिंह का ट्रांसफर किया जाए या फिर हमारी सामूहिक इस्तिफा स्वीकार किया जाए। 
ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान नगर आयुक्त के कार्यकाल में निगम के सारे विकास कार्य अवरूद्ध है। ज्ञापन में नगर निगम के आम जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की आवाज को दबाने और जानबूझ कर विकास कार्य को बाधित करने का आरोप नगर आयुक्त  पर लगाया गया है‌। 

कहा गया है कि पिछले एक वर्ष में वर्तमान नगर आयुक्त के कार्यकाल में महज एक साधारण बोर्ड की बैठक की गई, जिसमें महापौर व वार्ड पार्षदों द्वारा शहरी विकास के लिए आम जनता द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण एजेंडों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। मगर प्रोसिडिंग में नगर आयुक्त ने सारे एजेंडों को हटाकर जबरन अपने मनचाहे प्रोसिडिंग पर महापौर से हस्ताक्षर करने की दबाव बनाती रही है। 

यहां तक कि दुर्गापूजा, छठ पूजा, करमा पूजा, ईद मिलादुन्नबी, गुरू पूर्णिमा जैसे त्योहारों में भी स्थाई समिति की बैठकें नहीं बुलाई गई। नतीजतन शहर की साफ सफाई और  महत्वपूर्ण स्थानो पर लाईट की व्यवस्था नहीं हो पाई। ज्ञापन में कहा गया है कि नगर निगम के सारे कर्मचारियों को नगर आयुक्त द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि महापौर व वार्ड पार्षदों का कोई भी कार्य नहीं करना है। यदि महापौर या वार्ड पार्षद द्वारा जनहित कार्य का दबाव बनाया जाता है तो  उनके विरूद्ध एफआईआर किया जाय। 
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि नगर आयुक्त अपने मनचाहे संवेदक भारद्वाज कंस्ट्रक्शन को काम दिलाने के लिए सारे नियमों को तक पर रखकर काम करने में लगी है‌। ज्ञाप में नगर आयुक्त पर महापौर व वार्ड पार्षदों द्वारा अभद्र व जाति सूचक भाषा के प्रयोग करने का भी आरोप लगाया गया है‌। मौके पर महापौर रौशनी तिर्की ने कहा कि नगर आयुक्त जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल कर हमेशा जनप्रतिनिधियों को प्रताड़ित करती है और बाजार करने की धमकी देती है। 
ज्ञापन में मांग किया गया है कि शहरी विकास के लिए नगर आयुक्त का हजारीबाग से स्थानांतरण किया जाय। अन्यथा मजबूरन महापौर सहित सम्मानित वार्ड पार्षद सामूहिक रूप से अपना इस्तीफा राज्य सरकार को सौंप देंगे। 
ज्ञापन में महापौर रौशनी तिर्की, मिथिलेश कुमार सिन्हा, दीप रंजन,  फिरोज आलम, रेखा सिंह, निवेदिता राय, रोशिका लाल, शशि शर्मा, सुनीता देवी, दीपक कुमार सिंह, राजेश कुमार सिन्हा, प्रभा कुमारी, मनोरमा देवी, काजल, सुमित्रा देवी, प्रनब प्रसाद, रौनक जहां, वहीदा परवीन, बादशाह राम, सुखदेव  गोप, बिजय प्रसाद, दिलीप साव, साजदा खातुन सहित तमाम वार्ड पार्षद का नाम शामिल है।

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