“हम” का मिलन समारोह ,सैकड़ो नेताओं ने ली पार्टी की सदस्यता।
हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से) द्वारा आज हज़ारीबाग के होटल श्री विनायक के मीटिंग हॉल में एक मिलन समारोह का आयोजन किया गया जिसमे उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के कई दूसरे दलों के प्रदेश और जिला स्तरीय नेताओं ने जिसमे मुख्य रूप से लोक समाज दल के प्रदेश अध्यक्ष भवानी शर्मा , युवा प्रदेश अध्यक्ष अजय नारायण प्रसाद , चंद्रशेखर प्रसाद , मनोज कुमार , महबूब अंसारी , निकेश कुमार , मुकेश कुमार मेहता , दीपक साव , टिंकू राणा , नितेश सिंह , उमेश नायक , विजय शर्मा जी , शंकर प्रसाद , श्रीकांत कुशवाहा, अनिल कुमार सहित उनके सैकड़ो समर्थकों आदि ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री जीतन राम मांझी के गरीब – गुरबों प्रति प्यार और देश के गरीबों के उत्थान हेतु उनके प्रयास और संघर्ष को देखते हुए पार्टी की सदस्यता ली ।
पार्टी द्वारा आयोजित इस मिलन समारोह की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष सह झारखंड प्रभारी फैज़ सिद्दीकी ने अपनी उपस्तिथि में पार्टी की विचारधारा से सहमत कई नेताओं को उनके समर्थकों सहित पार्टी की सदस्यता दिलाई . मंच पर पार्टी से सिद्दीकी के अलावा हज़ारीबाग जिलाध्यक्ष धनेश्वर मेहता , प्रमंडलीय अल्पसंख्यक प्रभारी मोहम्मद शाहबुद्दीन , प्रमंडलीय युवा प्रभारी महेश कुमार साव ,युवा जिलाध्यक्ष सुनील यादव मुख्य रूप से मौजूद थे ।
सिद्दीकी ने सभी का स्वागत करते हुए कहा की झारखण्ड की जनता का जीतन राम मांझी प्रेम देखकर उत्साहित हूँ । हमारी पार्टी हिन्दुस्तान की पहली पार्टी है जो जाती- धर्म से हटकर गरीब-अमीर की बात करती है .हमारी पार्टी देश के गरीबों के साथ है चाहे वो किसी धर्म और जाती के हों .मैं झारखण्ड की वर्तमान सरकार को भी स्पष्ट सन्देश देना चाहूंगा की “हम” झारखण्ड आ गए हैं अब किसी प्रकार की तानाशाही नहीं चलेगी .गरीब विरोधी किसी भी नीति और अफसरशाही के खिलाफ हम सड़क से सदन तक हंगामा करेंगे .झारखण्ड की जनता का मांझी जी के प्रति रुझान देखते हुए हमने निर्णय लिया है की आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पार्टी चुनाव लड़ेगी और मुझे पूरा विश्वास है की हम सरकार भी बनाएगे ।
साथ ही फैज़ सिद्दीकी ने उन सभी महत्वपूर्ण जनहित एजेंडो की चर्चा की जो गत सप्ताह दिल्ली कोंस्टीटूशनल क्लब में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी द्वारा पारित किया गया जिसमे मुख्य रूप से असंगठित मज़दूरों एवं उनके परिवार के उत्थान हेतु योजनाओं , निजी क्षेत्र , न्यायपालिका , राज्य सभा , विधान परिषद् में आरक्षण हेतु , कॉमन स्कूलिंग सिस्टम , अनुसूचित जाती / जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम १९८९ का सख्ती से लागू कराना आदि शामिल हैं ।








