शब-ए-बारात माफी की रात और बुराई को छोड़कर अच्छे राह में चलना : युवा नेता सरफराज अहमद झामुमो

शब-ए-बारात मुस्लिम समुदाय के लिए काफी महत्वपूर्ण पर्व मनाया जाता हैं। इसे शबे बारात, रबी में लैलातुल बारात, इंडोनेशिया और मलेशिया में निस्फ़ स्याबान जैसे नामों से भी जाना जाता है। दरअसल, इस पर्व को क्षमा की रात के रूप में मनाते हैं।
युवा नेता सरफराज अहमद अपनी बात रखते हुए कहें कि अल्लाह से क्षमा मांगने के साथ अपनी पूर्वजों की क्रबों के पास जाकर दुआ मांगते हैं और अल्लाह से दुआ करते हैं कि उन्हें जन्नत नसीब हो। इस्लामिक कैलेंडर का 8वां महीना शबान का होता है और इसी महीने की 15वीं तारीख को शब ए बारात मनाया जाता है। इस साल शब-ए-बारात 25 फरवरी, रविवार को मनाई जा रही है।
संवाददाता /सोहैल किरमानी हज़ारीबाग








