लोकसभा चुनाव में डा. आरसी प्रसाद मेहता बना सकते हैं हज़ारीबाग में इतिहास।

हज़ारीबाग लोकसभा से डा आरसी प्रसाद मेहता की जीत की संभावना कितनी है ?

मुख्य बिंदु –

  1. पिछले चार-पांच वर्षों में आर सी प्रसाद मेहता हज़ारीबाग में भाजपा के खिलाफ के सबसे बड़े चेहरे हैं। उन्होंने ही स्थानिये विधायक और सांसद की कमियों को उजागर लगातार करते आ रहे हैं।
  2. डा आरसी प्रसाद मेहता जिस जाति से संबंध रखते हैं उसी जाति के प्रत्याशी ने पूर्व में भाजपा को दो बार हाराया है तत्कालीन वित्त मंत्री को हराया है बीजेपी के द्वारा एक भी कुशवाहा/कोयरी/मेहता को टिकट नहीं दिया है। इस आधार पर सभी कोयरी/कुशवाहा एकजुट हो जाएंगे।
  3. डा आरसी प्रसाद मेहता के जाति (सुकियार/कुशवाहा) अर्थात कोयरी वोटों की संख्या हज़ारीबाग लोकसभा में 4 लाख 50 हज़ार है। जबकि मुस्लिम वोटों की संख्या 03 लाख 70 हज़ार है। कुर्मी वोट लगभग 2 लाख है। डा आर सी प्रसाद मेहता झारखंड के अंदर अपने जाति के सबसे बड़े चेहरे के तौर पर माने जाते हैं।
  4. डॉक्टर आरसी मेहता झारखंड कुशवाहा महासभा के केंद्रीय मुख्य सलाहकार है कोयरी,कुर्मी, दलित क्रिश्चियन मुस्लिम के एकजुटता के बल पर आरसी प्रसाद मेहता भाजपा को कड़ी टक्कर दे कर जीत हासिल करेंगे
  5. डा आरसी प्रसाद मेहता की छवि एक पढ़े, लिखे विद्वान निष्पक्ष ईमानदार नेता की है। साथ ही इनकी सर्वमान्य जन जन के चहेते है। मुस्लिमों के बीच इनकी छवि एक न्यायप्रिय नेता के तौर पर है। ऐसे में कांग्रेस के साथ साथ अन्य पार्टियों के पारंपरिक वोटर्स भी डाक्टर आर सी प्रसाद मेहता को वोट देंगे। क्योंकि मुस्लिम उसी को वोट करेंगे जो बीजेपी के छोड़कर जीतने वाला होगा हज़ारीबाग लोकसभा में भाजपा को हराते हुए डॉ आर सी प्रसाद मेहता ही दिखेंगे।
  6. इस सीट पर 40 सालों से कांग्रेस का कोई सांसद नहीं जीता है। जबकि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता एवं सम्मानित नेतागण के सहयोग से कांग्रेस हजारीबाग में काफी मजबूत है। चूंकि कांग्रेस पार्टी यहाँ जातीय समीकरण के मुताबिक प्रत्याशी नहीं देती है। यह सीट धार्मिक उन्माद की राजनीति के लिए जाना जाता है। ऐसे में डाक्टर आर सी प्रसाद मेहता जैसे सुलझे व्यक्तित्व को जनता काफी पसंद करेगीर। कांग्रेस इस सीट को नहीं जीत पाएगी। यदि किसी वैश्य समाज को कांग्रेस टिकट देती है तो कांग्रेस बुरी तरह हार जाएगी क्योंकि विगत लोकसभा चुनाव वैश्य समुदाय से श्री गोपाल साहू को प्रत्याशी बनाया गया था इसके पश्चात कांग्रेस पार्टी को हर का सामना करना पड़ा था।
  7. हज़ारीबाग लोकसभा के 5 विधानसभा क्षेत्रों एवं 20 प्रखंडों में डाक्टर आर सी प्रसाद मेहता ने पिछले पांच वर्षों में 1000 से ज्यादा छोटी – बड़ी सभाएं की है। आंदोलन के माध्यम से हजारीबाग जिला वासियों को टोल टैक्स माफ करवाने का कार्य किया। ट्रैक्टर रैली में 203 ट्रैक्टर ला कर ट्रैक्टर रैली को सफल बनाया है हर दिन जनता से मिलते हैं। हज़ारीबाग लोकसभा के लगभग प्रखंडों में उन्होंने सभा की है। मांडू, रामगढ़, बरही, बड़कागांव, सदर हर क्षेत्र में उनकी सक्रियता ने एक बेहतर माहौल बनाया है।
  8. हज़ारीबाग लोकसभा में कुल निर्वाचक 16,67,465 हैं जिसमें 2019 में कुल वोट 10,80,929 पड़ा था। कुल प्रतिशत 64.825 रहा था। इस सीट पर कुल पुरुष निर्वाचक 7,80,188 हैं। कुल महिला निर्वाचक 8,87,265 हैं। थर्ड जेंडर निर्वाचक सिर्फ 12 हैं। 2019 में कुल पुरुष वोटर 5,52,495 ने वोट दिया। एवं कुल महिला वोटर 5,26,659 ने 2019 में वोट दिया।
  9. डा आरसी प्रसाद मेहता स्थानीय हैं। डा आर सी प्रसाद मेहता झारखंड में जन आंदोलन, स्थानीयता, नियोजन, पुनर्वास आंदोलन के बड़े नेता के तौर पर जाने जाते हैं। ऐसे में उन्हें झारखण्डी भावना वाला नेता माना जाता है। सभी मोर्चे एवं समीकरणों पर डाक्टर आर सी प्रसाद मेहता भारी हैं। पिछले बार 2019 में हज़ारीबाग लोकसभा सीट से गोपाल साहू प्रत्याशी थे जो हज़ारीबाग से नहीं थे। उन्हें 4 लाख 79 हज़ार 548 वोटों के भारी अंतर से जयंत सिन्हा ने हरा दिया था। कांग्रेस प्रत्याशी को 2019 में 2 लाख 49 हज़ार 250 मत प्राप्त हुए थे। ऐसे में डा आर सी प्रसाद मेहता के जातिये समीकरण के मुताबिक अन्य चार से पांच लाख वोट भी इनको मिलने के आसार हैं।
  10. डा आर सी प्रसाद मेहता एक अच्छे वक्ता के तौर पर जाने जाते हैं। इनके भाषणों को सुनने के लिए हजारीबाग लोकसभा अन्तर्गत हजारों की भीड़ लगती है। एक बेहतर वक्ता हैं। ये लोगों के बीच काफी प्रिय हैं। इनकी जीत हज़ारीबाग में अब साफ नजर आ रही है।
  11. डा आरसी प्रसाद मेहता का सबसे मजबूत पहलू यह है कि इन्होंने 20 सालों में लगातार हज़ारीबाग क्षेत्र में काम किया है। गाँव – गाँव घूमे हैं मेडिकल कैम्प के माध्यम से सहायता करते हुए 2278 बूथों तक इनकी पहुँच है।
  12. डॉ आरसी बेहतरीन 2019 के विधानसभा वर्तमान भाजपा विधायक मनीष जायसवाल को 25 दिन में कड़ी टक्कर देते हुए दूसरा स्थान 54774 वोट लाकर उपविजेता हैं
  13. सोशल मीडिया पर इनके लाखों फ़ॉलोवर हैं। अखबार, मीडिया भी इनकी बातों को प्रमुखता से स्थान देता है। इन्हें मुद्दों की समझ वाला गंभीर नेता माना जाता है।

हज़ारीबाग के साथ साथ इनका आवास जिला अंतर्गत इचाक क्षेत्र में भी आता है।

डा आर सी प्रसाद मेहता का मेहता हॉस्पिटल संचालित है नवाबगंज में मेहता आरोग्य सदन संचालित है । इचाक कोडरमा लोकसभा का क्षेत्र है। इचाक के काफी लोग हज़ारीबाग में निवास करते हैं। वे सभी डॉ आर सी प्रसाद मेहता के समर्थन में खुलकर सामने आएंगे । मेहता कुशवाहा समाज एकजुट होकर डॉ आर सी प्रसाद मेहता को खुलेआम समर्थन करेंगें इनके सभाओं की भीड़ से भी यह बात परिलक्षित होती है।

हज़ारीबाग लोकसभा की जानकारी –

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत पांच विधानसभा क्षेत्र हैं और इन पांच विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर इस बार कुल 2278 मतदान केंद्र हैं, जहां मतदाता वोट के लिए जाएंगे। इन 2278 बूथों में 1142 मतदान केंद्र रामगढ, कोडरमा और चतरा जिला प्रशासन के नियंत्रणाधीन क्षेत्र में हैं।
जहां चुनाव कराने की जवाबदेही, जिसमें मतदान दल के कर्मी, दंडाधिकारी, सुरक्षा व्यवस्था, वाहन आदि तथा दंडाधिकारियों व कर्मियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था उन जिलों पर है, जहां ये बूथ अवस्थित है। उन बूथों के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन के जिम्मे ईवीएम व बैलेट पेपर उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी है।

किस जिले में कितने बूथ

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सभी 405 बूथ की व्यवस्था रामगढ़ जिला प्रशासन के जिम्मे है। उसी प्रकार बड़कागांव विधान सभा क्षेत्र जहां 465 मतदान केंद्र है। बड़कागांव हजारीबाग में गिना जाता है मगर इस विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पदाधिकारी, रामगढ़ हैं।

बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र का मतदान केंद्र संख्या 238 से 465 तक कुल 228 मतदान केंद्र पतरातू प्रखंड में है, जो रामगढ़ जिला में आता है। जबकि बड़कागांव विधानसभा का ही मतदान केंद्र संख्या 91 से 110 तक कुल 20 मतदान केंद्र चतरा जिला में पड़ता है। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सबसे बड़े विधानसभा क्षेत्र मांडू विधानसभा में कुल 520 मतदान केंद्र हैं जिसका लगभग आधा भाग हजारीबाग जिला और आधा रामगढ़ जिला का अंग है।

239 बूथ रामगढ़ जिला में है। उसी प्रकार हजारीबाग लोकसभा का बरही विधानसभा क्षेत्र का बूथ संख्या 173 से 225 तक कुल 53 बूथ चंदवारा प्रखंड, कोडरमा जिला का अंग है। बरही विस में कुल 402 मतदान केंद्र है।

हजारीबाग जिला प्रशासन के अधीन

हजारीबाग जिला प्रशासन की देखरेख में हजारीबाग लोकसभा सीट के पांच में से तीन विधानसभा क्षेत्रों की तैयारी की जा रही है, जिसमें हजारीबाग सदर, मांडू एवं बरही विधानसभा क्षेत्र है। जबकि दो विधानसभा रामगढ़ एवं बड़कागांव की तैयारी को लेकर रामगढ़ और हजारीबाग जिला के बीच जवाबदेही बंटी है।

हजारीबाग जिला स्तर से चौथे विधानसभा क्षेत्र बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र के 470 बूथों के लिए भी चुनावी इंतजाम किये जा रहे हैं लेकिन बरकट्ठा कोडरमा लोकसभा क्षेत्र का पार्ट है। इस लिहाजा से हजारीबाग लोकसभा सीट ऐसा है, जिसका चुनाव कराने के लिए चार जिलों के अधिकारियों, कर्मियों के साथ साथ चार जिलों के मतदाता अपनी अपनी भूमिका निभायेंगे। हालांकि ऐसा इसलिए है कि ये चारो जिले अलग अलग जिलों के रूप में आने से पहले वृहत हजारीबाग जिला के ही अंग थे। अलग अलग जिले तो बन गये मगर लोकसभा क्षेत्र की सीमा आज भी पूर्ववत् है।

  • चुनावी लड़ाई में पूर्ण रूप से कांग्रेस विजय होगी

हजारीबाग लोकसभा सीट पर अब तक 16 बार चुनाव हुए हैं। इनमें से 6 बार इस सीट पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है। जबकी यहां से सिर्फ दो बार ही कांग्रेस ने जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल की है।

कांग्रेस के लिए हजारीबाग लोकसभा सीट काफी मजबूत रही है। यहां कांग्रेस पार्टीये दो लोकसभा चुनाव में ही जीत हासिल की है। जबकि बीजेपी हजारीबाग के किले को 7 बार जीतने में कामयाब रही है। बीजेपी ने यहां से 1989, 1996, 1998, 1999, 2009, 2014 और 2019 में कामयाबी हासिल की है। जबकि कांग्रेस 1971 और 1984 में ही यह सीट जीत पाई है। वहीं 1991 और 2004 में यहां से सीपीआई ने जीत दर्ज की थी।

ज्ञात हो इस दौरान जातीय समीकरण का फायदा सीपीआई के भुवनेश्वर प्रसाद मेहता को प्राप्त हुआ था जबकि 1977 में यहां से भारतीय लोक दल के सांसद चुने गए थे।

डा आर सी प्रसाद मेहता हज़ारीबाग लोकसभा सीट से सबसे प्रबल दावेदार दिखाई देते हैं ।

निवेदक:-
प्रोफेसर ब्रज किशोर मेहता
अध्यक्ष
हजारीबाग जिला कांग्रेस कमेटी
शिक्षा विभाग

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