झारखंड बिहार के गठबंधन सरकारे अब जातिगत जनगणना करावे-डॉ आरसी मेहता

झारखंड बिहार के गठबंधन सरकारे अब जातिगत जनगणना करावे-डॉ आरसी मेहता

हजारीबाग- बिहार के मुख्यमंत्री माननीय नीतीश कुमार जी लंबे अरसे से जातिगत जनगणना की मांग करते आ रहे हैं हेमंत सोरेन साहब भी जनगणना के पक्षधर है अब झारखंड बिहार में महागठबंधन की सरकारे है अब दोनों राज्यो में जातिगत जनगणना करावे सरकार।
यह बातें झारखंड कुशवाहा महासभा के मुख्य केंद्रीय सलाहकार डॉ आरसी मेहता ने सरकार से मांग किया। डॉ मेहता ने कहां की झारखंड बिहार के सरकार इच्छा शक्ति को बढ़ाते हुए दोनों राज्य में जातिगत जनगणना करावे क्योंकि दोनो राज्य के बहुसंख्यक आबादी द्वारा यह वर्षों से मांग क्या जा रहा है जेडीयू आरजेडी हम पार्टी आरएलएसपी सीपीआई का यह एजेंडा में है कांग्रेस पार्टी को ही जातिगत जनगणना में सहमति देना चाहिए। 
जनगणना नहीं होने के कारण अपने समाज के जनसंख्या को लोग घटा बड़ा करके मंत्रणा करते रहते हैं कुशवाहा समाज केंद्रीय मुख्य सलाहकार होने के नाते मैं दावा से कह सकता हूं कि लव कुश महतो समाज की संख्या झारखंड में आदिवासी समाज से सर्वाधिक लगभग 35 परसेंट है जबकि सरकारी एवं गैर सरकारी सेवाएं एवं राजनीति मे भागीदारी 2% भी नहीं है। 
लव-कुश समाज समस्त भारत में लगभग 60% अनाज का उत्पादन करता है सब्जी का उत्पादन 70% तक करता है अन्नदाता समाज को बेचारा किसान समझा जाता है किसान का पर्यायवाची शब्द गरीब फटे हाल समझा जाता है भारत के सरकारे का ध्यान इस दबे कुचले मेहनत कस समाज के प्रति उदासीन है यही वजह है कि किसान परिवार आज पलायन कर शहरों में मेहनत मजदूरी करना शुरू कर दिया है दोष रहित कृषि कानून के कारण किसानों को मेहनत के अनुरूप अनाज और सब्जी का कीमत अभी नहीं मिल पाता है। अनाज के मूल्य का आधे से ज्यादा बिचौलिए व्यापारी खा जाते हैं।

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