हज़ारीबाग; सीमा सुरक्षा बल मेरू कैंप में डिजीटल स्कीलर व वित्तीय साक्षरता के सकारात्मक उपयोग व सम्भावित नकारात्मक पहलुओं पर वेबिनार का आयोजन।
समाज में पिछले कुछ वर्षो से जीवन के दैनिक कार्यो में तेजी से डिजीटल तकनीक का अधिकाधिक प्रयोग बढ़ता जा रहा है। आने वाले समय में इसका महत्व और अधिक होने की सम्भावना और प्रबल है। प्रहरी संगनियों व उनके परिजनों को इसके अधिकाधिक सदुपयोग के दौरान रखी जाने वाली सावधानियों और जालसाजी से बचाव के पहलुओं पर सजग कराने के उद्दे्ेश्य से बवा, बल मुख्यालय, सीमा सरुक्षा बल, नई दिल्ली के दिशा-निदेर्शो पर बवा, मेरू के तत्वावधान में डिजीटल तकनीक के सकारात्मक उपयोग के समय सम्भावित जालसाज़ी एवं डिजीटल तकनीक के नकारात्मक पहलुओं पर सजग करने के लिए एक विशेष व्याख्यान का आयोजन वेबिनार के माध्यम से, आज दिनांक 09 मार्च 2022 को 16ः30 बजे सेे परिवार कल्याण केन्द, मेरू में किया गया।
इस दौरान बल मुख्यालय से पुरे सीमा सुरक्षा बल में एक साथ एक वित्तीय एवं सुचना तकनीक विशेषज्ञ ने उपस्थित प्रहरी संगिनियों को उनके दैनिक जीवन में वित्तीय लेनदेन में तकनीक और एप्स के प्रयोग एवं सावधानीयों के विषय में विस्तार से बताया। इस दौरान साईबर वित्तीय अपराध और उनके बचाव के तरीकें पर चर्चा कि गई । इस कार्यक्रम के दौरान सीमा सुरक्षा बल, मेरू परिवार से 176 प्रहरी संगिनियों ने भाग लिया और लाभान्वित हुई।
श्री पी0 एस0 बैंस, महानिरीक्षक, टी0सी0एस0 नें मेरू परिवार को अपने संदेश में कहा की, विगत कुछ वर्षो से डिजीटल तकनीक के उपयोग में अप्रत्याशित रूप से वृद्वि हुई है। इस प्लेटफार्म पर समूची दुनिया एक साथ जुड़ी है। डिजीटल तकनीक भुगतान का बहुत ही तेज़ और सशक्त माध्यम है जिसका प्रभाव हर व्यक्ति पर पड़ता ही है। एक बटन दबाने भर से ही हमारे समक्ष किसी भी प्रकार की जानकारी/सूचना गन्तव्य तक तो पहूँच ही जाती है परन्तु दुसरों को भी अनायास ही जा सकती है। अतः वित्तीय साक्षरता व डिजीटल तकनीक के पहले हम जानकारी/सूचना साझा करने के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों की जाँच कर ले।
वहीं इस डिजिटल युग और ई-गर्वनेन्स के दौर में डिजीटल तकनीक एक अतुलनीय वरदान भी है, जो समाजिक विकास में अपना अभूतपूर्व योगदान देता है। वर्तमान कोविड परिवेश में शिक्षा, व्यवसाय, खरीद-फरोख्त, लेन-देन, बैंकिग, कई प्रकार की बुकिंग, आवेदन आदि हर क्षेत्र में इसका प्रयोग बहुत ही सहज हो रहा है। हमे लगातार सावधान और सजग रहने की जरूरत है। हम आज ही से डिजीटल तकनीक का बेहतर प्रयोग करे ताकि आने वाली पीढ़ी को हम एक अनुशासित और साफ- सुथरा माहौल मुहैया करा सकें।








