हज़ारीबाग; सी.सु.बल, मेरु कैम्प स्थित अंकुर प्ले स्कूल में बाल दिवस की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन।

सी.सु.बल, मेरु कैम्प स्थित अंकुर प्ले स्कूल में बाल दिवस की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन।
सीमा सुरक्षा बल, मेरु कैम्प स्थित अंकुर प्ले स्कूल में आज दिनांक 13 नवंबर 2021 को बाल दिवस का आयोजन किया गया। प्रातः 10ः00 बजे, श्रीमती ऋतंभरा शर्मा, बावा अध्यक्षा सी.सु.बल मेरू, हजारीबाग ने विद्यालय में पहुँच कर दीप जलाकर विशेष कार्यक्रमों का विधिवत उद्दधाटन किया। सर्वप्रथम उन्होनें प्रधानमंत्री पंडित नेहरू, जिन्हें बच्चे चाचा नेहरू कह कर पुकारते हैं उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण किया, इस अवसर पर उनके साथ सीमा सुरक्षा बल मेरू अन्य वरिष्ठ बावा सदस्याएं साथ रही। ज्ञात रहे कि, अंकुर प्ले स्कूल में नर्सरी से लेकर यू.के.जी. तक के बच्चों की पढाई होती है।

इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं ग्रुप डांस का आयोजन किया गया, जिसमें बडी संख्या में टी.सी.एस. एवं एस.टी.सी. मेरु कैम्प में तैनात कार्मिकों की महिलाओं, बच्चे और अंकुर प्ले स्कूल की शिक्षिकांए सम्मलित हुई। साथ ही श्रीमती ऋतंभरा शर्मा, बावा अध्यक्षा द्वारा मेरू परिसर में सरकारी अवासों के निरीक्षण में विजेता रहने वाले प्रहरी संगिनियों को पुरुस्कृत किया। साथ ही डॉ. सुचान्द्र डे, सी.एम.ओ., सी.सु.बल अस्पताल, ने बच्चों में आयरन की कमी से स्वास्थ्य में होने वाले दुष्प्रभाव एवं उनकी रोकथाम के प्रति लेागों में जागरूकता उन्पन्न करने पर अपना व्याख्यान दिया। 

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ  बच्चों के मध्य बल्लुन रेस, आरेंज दा गलासिस एवं रिंग टोन गेम्स आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इस मौके पर बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया, बच्चों की इन प्रतिभा को देख बावा अध्यक्षा ने जमकर तारीफ की। कार्यक्रम के समापन पर प्रतियोगिताओं में विजेता रहने वाले बच्चों को पुरुस्कृत किया गया। स्कूल प्रिंसिपल एवं स्कूल की शिक्षिकाओं के देख-रेख में कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया गया।
विदित रहे कि, भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म वर्ष 1989 में 14 नवंबर के ही दिन हुआ था और बच्चों से वह बेहद लगाव रखते थे इसे ध्यान में रखते हुए चाचा नेहरू के जन्मदिन को भारत में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है एवं विद्यालयों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिसमे बच्चों के लिए कई प्रतियोगिताएं रखी जाती हैं जिनका उद्देश्य बाल दिवस के महत्व और जवाहरलाल नेहरू के बच्चों के प्रति लगाव की जानकारी देना होता है।

श्रीमती ऋतंभरा शर्मा, बावा अध्यक्षा सी.सु.बल मेरू, हजारीबाग  ने अपने समापन भाषण में कहा कि आज के यह बच्चे भावी भारत का निर्माण करेंगे। हम जिस तरह से उनका पालन-पोषण करेंगे, शिक्षा-दिक्षा देगें उसी पर देश का भविष्य निर्भर होगा। बाल दिवस मनाने का मूल कारण बच्चों की जरूरतों को स्वीकार करने, उनको पूरा करने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और उनके शोषण को रोकना था ताकि बच्चों का समुचित विकास हो सके है। लेकिन बाल दिवस, स्कूलों एवं सरकारी विभागों के लिए एक औपचारिकता भर बनकर रह गया है। 

बाल दिवस को सार्थक बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों और सरकारी तंत्र को संवेदनशील बनना होगा और देश के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में योगदान करने के लिए आगे आना होगा। आज के बच्चे हमारे समाज की बुनियाद है,  यह भावी भारत का निर्माण करेंगे। अंत में उन्होने बाल दिवस पर आयाजित कार्यक्रमों के विजेता बच्चों को बधाई और उज्जवल भाविष्य की शुभकामनांए दी साथ ही उन्होने विद्यालय प्रबंधन का बल दिवस के सफल आयोजन पर धन्यवाद भी दिया।

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