हज़ारीबाग; विष्णुगढ़ मे हर्ष उल्लास के साथ प्राकृतिक पर्व कर्मा संपन्न।

हज़ारीबाग; विष्णुगढ़ मे हर्ष उल्लास के साथ प्राकृतिक पर्व कर्मा संपन्न।
विष्णुगढ़: प्रखंड के विभिन्न क्षेत्र में प्रकृति पर्व करमा विष्णुगढ़ भालुवा बकास्पुरा बेड़ा हरियारा चेडरा अचलजमु गाल्होवार में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया यह पर्व भाई बहन का अटूट बंधन है सदियों से चली आ रही है संस्कृति परंपरा यहां के जल जमीन से जुड़े रिश्तो को अटूट बांधने वाला एक प्रकृति पर्व आज देश भर में हर्षोल्लास के साथ मनाते आ रहे हैं यह त्यौहार भाई बंधन के अटूट बंधन प्राकृतिक जुड़ा को दर्शाती है और या कर्मा पर्व त्योहार ही नहीं बल्कि जीवन चक्र को जोड़ते हुए और इसे मजबूत करने का और संरक्षित करने का एक संदेश है । 
करमा पूजा के दिन बहने दिनभर उपवास रखकर पूजा करती है यह पूजा भाई विशेष है ।धर्मा और कर्मा दो भाइयों की प्रेम कहानी है दोनों भाई बहुत ही मेहनती और दयावान थे कर्मा का विवाह हो गया उसकी पत्नी अधर्मी और दूसरों को परेशान करने वाली थी कर्मा को बहुत दुख हुआ धरती मां की पीड़ा से पीड़ित था जिससे नाराज कहीं दूर होकर चला गया उसके जाते ही अभी के भाग्य फूट गए और वहां के लोग दुखी रहने लगे धर्मा से उसकी परेशानी नहीं देखी गई और वह अपने भाई को खोजने के लिए निकल पड़ा कुछ दूर चलने पर उसे प्यास लगी पर कहीं पानी नहीं मिला दूर एक नदी दिखाई दिया उसने देखा उसमें पानी नहीं है नदी ने धर्मा से कहा जबसे कर्मा भाई गए हैं सभी का भाग्य फूट गए हैं पानी सूख गया है।
कुछ दूर जाने के बाद उसे एक आम का पेड़ मिला उसके सारे फल सड़े हुए थे उससे भी कहा धर्मा भाई जब से गए हैं उनके फल बर्बाद हो जाते हैं इसी तरह गांव में बहुत प्रकार का नुकसान होने लगा था को रास्ते में जाते हुए एक समुंदर मिला समुंदर में मगरमच्छ ने बताया की कर्मा का पेड़ लाओ और उसकी पूजा करो पूरा गांव और तुम्हारा दुख द्वारा दूर हो जाएगा और वह वैसा ही किया और कर्मा का राजा खुश हो गया पूरा गांव खुशहाली से भर गया है खेतों में धान की वृद्धि हुई इसलिए खेतों में कर्मा का एक डाल रोपित करते हैं यह पर्व भादो महीना के सितंबर एकादशी किस दिन मनाया जाता है प्रकृति से अच्छी फसल की कामना करते हैं कर्मा पेड़ का डाल आज विसर्जन की गई।
संवाददाता- धीरज शर्मा की रिपोर्ट।

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