झारखंड पर बाहरियों द्वारा चारागाह हेतु कब्जा- डॉ आरसी मेहता।
हजारीबाग-झारखंड के मूल वासियों के सर्वांगीण विकास हेतु झारखंड अलग राज्य बना था परंतु आज तक झारखंड के मूलवासी आदिवासी रोजगार मूलभूत सुविधाओं से वंचित है मैं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग करता हूं 1932 के खतियान को लागू करते हुए झारखंड वासियों के अस्मिता कि रक्षा करें। उक्त बातें कांग्रेस AIPC एवं स्वस्थ प्रकोष्ठ के प्रमंडलीय अध्यक्ष सह भावी विधायक प्रत्याशी डॉ आरसी प्रसाद मेहता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा।
डॉ मेहता ने कहा की झारखंड बाहरियो का चारागाह बन हुवा है। आज एनटीपीसी त्रिवेणी सैनिक मां अंबे टाटा बिरला इत्यादि सैकडो कंपनियां झारखंड का चारागाह समझकर कबिज हैं । DVC झारखंड का संसाधन उपयोग करते हुए झारखंड को बिजली देने पर आंख तरेर रहा है बिजली विभाग,अंचल, झारखंड में सबसे ज्यादा निरंकुश हो चुका है इसका कारण बिजली विभाग सहित सभी विभागों मे बाहरियो का कब्जा है आज देखें ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक के कर्मचारी, पदाधिकारी ज्यादातर बाहरी हैं।
आज झारखंड में सांसद विधायक अनेकों राजनीतिक एवं सामाजिक दल के पदाधिकारी बाहर से लाकर झारखंड पर कब्जा किए हुए हैं
आज भारत एशिया का प्रथम भ्रष्ट देश बना हुआ है जिसमें झारखंड भी भागीदार है जो बुद्धिजीवियों के लिए चिंतनीय है
बाहरी कंपनियो का व्यवहार फिरंगी मुगलो और ब्रिटिश इंडिया कंपनी से भी बदतर है, उपरोक्त कंपनी द्वारा स्थानीय लोगों को नजरअंदाज किया जा रहा है सौतेला व्यवहार किया जा रहा है सिर्फ कब्जा जमाने की दृष्टि से लगातार बानादाग एवं बड़का गांव के लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है उक्त कंपनी मे पदाधिकारी मजदूर कर्मचारी ट्रांसपोर्टेशन की गाड़ियां अधिकार बाहरी राज्यों का होता है। जो बर्दाश्त से बाहर है जब जमीन झारखंडियों का है तो रोजगार एवं अन्य सुविधाओं पर हक भी झारखंडियों का होना चाहिए, बड़कागांव विधायक सुश्री अंबा प्रसाद के आंदोलन का खुलकर समर्थन करता हूं कंपनी अपने व्यवहार में सुधार करें अन्यथा हजारों समर्थकों के साथ बानादाग में आंदोलन करूंगा।









