दारू प्रखण्ड में बहुत ही शांति पूर्ण तरीके से मनाया गया भाई बहन का प्यार रक्षाबंधन। बताते चलें की रक्षाबंधन सब्द में ही सारी सत्यता छिपी हुई है। या ये समझे की पूरी जिन्दगी का सारांश छुपी है। बताते चलें कि आज के दिन संसार में सभी भाई बहन का प्यार झलकते नजर आता है। पूर्वजों के समय से चलते आरहा रक्षाबंधन के पावन पर्व आज भी भाई बहन बहुत ही सच्चाई ओर पौराणिक तरीके से इस पावन पर्व को मनाते आ रहे है।
कैसे मनाया जाता है यह पवित्र धागा का त्यौहार
बताते चले कि बहन सब अपने-अपने भाइयों के कलाई पे पवित्र रक्षा सूत्र से बना राखी को अपने प्यारे भाई के कलाई पे बांधती है। तिलक लगाती है वहीं भाई की आरती उतारी जाती है। उसके बाद अपने भाई को अपने हाथो से मिठाई खिलाती है। बहना भाई के लम्बे आयु का प्राथना करती है। बहना का इतना प्यार देख भाई भी प्रभु से प्रार्थना करता है की मेरी प्यारी बहना सदा खुश रहे ओर फिर भाई तरह-तरह का उपहार ओर रुपए बहन को आशीर्वाद के रूप में भेट देते है।
आज के इस पावन दिन ओर सावन महीने का आखरी दिन दारू प्रखण्ड के शिव शक्ति धाम जो दारू प्रखण्ड मुख्यालय से तकरीबन साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मन्दिर जाने का रास्ता बासोबार ओर भट्ट बीघा बस्ती होते हुए मन्दिर ले जाती है। आज के दिन भक्त पूरे हर्षोल्लास के साथ भक्त मन्दिर पहुंचते है ओर पूजा अर्चना करते है।
माताएं ओर बहना भगवान् शिव, माता पार्वती का पूजा अर्चना कर भगवान् शिव जी को रखी भी बांधती है। ओर नत मस्तक हो अपने अपने परिवार की कल्याण और सुख समृद्धि ओर जब तक जिए सुहागन रहे यह प्रभु से कामना करती है। बताते चले की आज यानी रक्षाबंधन के दिन सुबह चार बजे भोर ही मन्दिर में आचार्य जी बिनोद पांडेय, संजय पांडेय, कैलाश पांडेय, सीताराम पांडेय जी पहुंच कर सरकारी पूजा प्रारंभ कर देते है। तकरीबन एक से डेढ़ घंटा पूजा आचार्य जी के द्वारा किया जाता है। जब सरकारी पूजा समाप्त होती है तब दूर दराज से चल कर आए भक्त बाबा शिव शंकर जी को जलाअर्पण कर आशीर्वाद लेते है।
संवाददाता :- राजीव रंजन शर्मा की रिपोर्ट।








