शहादत को नमन- सीमा सुरक्षा बल मेरू कैंप में पुलिस समृति दिवस का आयोजन।

शहादत को नमन- सीमा सुरक्षा बल मेरू कैंप में पुलिस समृति दिवस का आयोजन।

सीमा सुरक्षा बल मेरू कैंप में दिनांक 21 अक्टूबर 2022 को 01 सितंबर 2021 से 31 अगस्त 2022 की अवधि में पुलिस एवं केन्द्रीय सशस्त्र बलों के कार्मिकों ने राष्ट्र की आतंरिक एवं अतंर्राष्ट्रीय सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देकर सर्वोच्च बलिदान दिया, उनकी इस शहादत और बलिदान को याद करने, कृतज्ञता एवं सम्मान प्रकट करने के लिए पुलिस समृति दिवस का आयोजन किया गया। इस दिन को पुलिस शहीदी दिवस या पुलिस परेड के नाम से भी जाना जाता है।

श्री पी0 एस0 बैंस, महानिरीक्षक, प्रशिक्षण केन्द्र एवं विद्यालय एवं सहायक प्रशिक्षण केन्द्र ने मेरू परिसर में आयोजित परेड में समस्त अधिकारीगण, अधिनस्थ अधिकारीगणं, अन्य कार्मिकों एवं प्रशिक्षुओं के समक्ष शहीद पुलिस एवं केन्द्रीय सशस्त्र बलों के शहीदों को विनम्र श्रद्वांजलि दी एवं उनके नाम पढ़कर सुनाये। इसके पश्चात शहीदों को विशेष परेड दस्ते द्वारा सम्मान दिया गया एवं उनकी याद में 02 मिनेट का मौन रखा गया।

विगत है कि राष्ट्र इस वर्ष 63 वां पुलिस समृति दिवस मना रहा है। ज्ञात रहे कि वर्ष 2021-22 में पुलिस एवं केन्द्रीय सशस्त्र बलों के कुल 264 कार्मिक शहीद हुए जिसमें 27 कार्मिक सीमा सुरक्षा बल के थे। इस अवसर पर श्री पी0 एस0 बैंस महानिरीक्षक ने इस दिन के विशेष महत्व के बारे में बताया और कहा कि 21 अक्टूबर 1959 लद्वाख के हॉट स्प्रिगं में सीमा की सुरक्षा में तैनात सी0आर0पी0एफ0 के जाबांज जवान जब भारत-चीन सीमा पर गश्त लगा रहे थे, उस वक्त चीनी सेना ने भारी संख्या में घात लगाकर उन पर हमला किया गया था। 

हमारे जवानों ने बहादुरी से चीनी सैनिको का सामना किया और 10 रणबांकुर बहादुरी से लड़ते हुए सीमाओं की हिफाजत में शहीद हो गए थे। वीरों की इसी शहादत एवं वर्षभर में शहीद होने वाले पुलिस एवं सशस्त्र केन्द्रीय बलों के वीर सपूतों की याद में हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस समृति दिवस मनाया जाता है। महानिरीक्षक महोदय ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल के हर कार्मिक का राष्ट्र की सुरक्षा ही परम कर्तव्य है, उसकी हिफाजत के लिए वह अपने प्राण न्योछावर करने से कभी पीछे नही हटते।

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